
यमुनानगर के रामखेड़ी से घर का इकलौता बेटा गगनप्रीत 8 अप्रैल 2023 में अपने पिता जो 18 साल से बीमार होने के कारण चारपाई के ऊपर पड़े है उनके इलाज के लिए पैसे कमाने अपनी जमीन बेच कर विदेश(इटली) गया था। एजेंट इंद्रसेन गांव तिम्हो जिसने उसको वहां भेजा था। गगनप्रीत के परिवार से लिए पूरे 18 लाख रुपए नकद। विदेश पहुंचकर गगनप्रीत ने 11 अप्रैल को कर दिया वहां काम करना शुरू। एजेंट इंद्रसेन के पास ही विदेश में रहता था और उसके पास ही खेतों में काम करता था।

1 साल बाद जब गगनप्रीत ने अपने वहां के पूरे डॉक्यूमेंट मांगे तो एजेंट इंद्रसेन ने देने से मना कर दिया। और न ही उसको काम के पैसे दिए। और लड़के गगनप्रीत को डराकर रखा कि पुलिस के सामने मत आना तुझे मार देगी। गगनप्रीत पुलिस से छुपता रहता। गगनप्रीत विदेश पूरे कागजात के साथ गया था 1 नंबर में। लेकिन शातिर एजेंट ने उसे 2 नंबरी बना दिया। एजेंट इंद्रसेन उसको झूठे दिलसे देता रहता। काम के पैसे भी नहीं देता। 2 साल बाद जब गगनप्रीत अपने काम के पैसे मांगने गया घर भेजने के लिए अपने गुजारे के लिए तो एजेंट ने उसको बुरी तरह मारा पीटा ।

जब गगनप्रीत की उसके परिवार से बात हुई तो उसने परिवार वालों को सब बताया परिवार वालों ने कहा कि पैसे रहने दो तुम घर वापिस आ जाओ। लेकिन गगनप्रीत ने बोला कि मैं घर क्या मुंह दिखाऊंगा। पिता जी का इलाज कैसे करवाऊं गा। यही चिंता उसे सताने लगी। वो डिप्रेशन में जाने लगा। रोज रोता परिवार की चिंता करता था। एक दिन उसकी तबियत खराब हो गई। वो सो रहा था। पूरा दिन नहीं उठा। 4 फरवरी 2026 को शाम सात बजे उसके साथ काम करने वाले युवक ने उसके परिवार को जानकारी दी कि उसकी डिप्रेशन से मौत हो चुकी है। परिवार को सदमा लगा। रो-रो कर बुरा हाल हो गया।

परिवार में से इकलौता बेटा गगनप्रीत 33 वर्ष की आयु में ही दुनिया छोड़ गया। परिवार वालों ने एजेंट इंद्रसेन पर आरोप लगाए। और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। और लड़के की मां और बहन मीडिया के माध्यम से विनती की उसकी बॉडी वापिस इंडिया लाई जाए। ताकि आखिरी बार अपने बेटे, भाई की शक्ल देख सके।
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