
यमुनानगर जिले के थानाछप्पर के गांव सियावला में 2 फरवरी को कुख्यात गैंगस्टर और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ मामले में इलाज के बाद घायल हुए आरोपी से आज निशानदेही कराई गई।
पुलिस पर फायरिंग करके भागते हुए रेलवे अंडरपास से कूदने पर शूटर की टूटी थी टांग। आरोपी ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी गलती की स्वीकार ओर मांगी माफ़ी।

आरोपी ने कहा कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई जो इन गैंगस्टर के झांसे में आ गया और अपराध का रास्ता अपना लिया। गैंगस्टर के कहने पर पुलिस पर फायरिंग करने की गलती की। और आज ये दिन देखना पड़ गया। उसने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि किसी के लालच में आकर कोई गलत काम नहीं करना चाहिए। ओर न ही अपराध के रस्ते पर चलना चाहिए। बाद में सिर्फ पछतावा ही होता है। कुछ हासिल नहीं होगा। आरोपी ने खुलासा करते हुए बताया कि वह 5-6 महीनो से मोनू गुजर गैंग के संपर्क में था और पैसों के लालच में उसने अपराध किया।
उसे भरोसा दिलाया गया कि अगर वह जेल भी चला गया तो गैंग उसको बचा लेगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ ।

2 फरवरी देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि कुख्यात गैंग का शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थानाछप्पर क्षेत्र में घूम रहा है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया तो शूटर पुलिस पर 2 राउंड फायर कर दी। जिसमे एक गोली एसआई को लगी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट होने के कारण सुरक्षित बच गए। पुलिस ने जवाबी फायरिंग नहीं की और लगातार आरोपी को सरेंडर करने के लिए बोलते रहे। इसी बीच आरोपी भागने की कोशिश में अंडरपास की दीवार फांदने लगा लेकिन संतुलन बिगड़ने के कारण नीचे गिर गया जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर आ गया ।

घायल अवस्था में पुलिस ने आरोपी को काबू में किया ओर सिविल हॉस्पिटल यमुनानगर लेकर पहुंचे जहां से इलाज के बाद पुलिस उसको आज घटनास्थल पर निशानदेही कराने लेकर पहुंची।
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