हरियाणा के Yamunanagar जिले में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब गेटपास और बायोमैट्रिक सिस्टम बंद होने के कारण किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में किसान इकट्ठा होकर सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
बताया जा रहा है कि मंडी में गेटपास और बायोमैट्रिक एंट्री सिस्टम के अचानक बंद हो जाने से किसानों को अपनी फसल की एंट्री कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई किसान घंटों तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। इससे नाराज होकर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।

🚜 दो घंटे तक ठप रही आवाजाही
किसानों के प्रदर्शन के चलते करीब दो घंटे तक सड़क पूरी तरह जाम रही, जिससे आम लोगों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। वाहन चालकों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई लोग वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेते नजर आए।

⚠️ किसानों की मुख्य मांगें
किसानों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से:
गेटपास और बायोमैट्रिक सिस्टम तुरंत चालू किया जाए
फसल की एंट्री प्रक्रिया को सरल बनाया जाए
किसानों को घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े
वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत लागू की जाए

🏢 प्रशासन का हस्तक्षेप
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा और फिलहाल के लिए मैनुअल एंट्री सिस्टम शुरू किया जाएगा ताकि किसानों को राहत मिल सके।
प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों ने धीरे-धीरे जाम खोल दिया और स्थिति सामान्य होने लगी।

📌 मैनुअल एंट्री से मिली राहत
मैनुअल एंट्री शुरू होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली और अपनी फसल की एंट्री करवाई। हालांकि किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से बड़ा आंदोलन कर सकते हैं।

🔥 निष्कर्ष:
यह घटना एक बार फिर से किसानों की समस्याओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की खामियों को उजागर करती है। समय रहते समाधान न होने पर ऐसे विरोध प्रदर्शन भविष्य में और भी बड़े रूप ले सकते हैं।




