हरियाणा के यमुनानगर जिले में इन दिनों “गो सम्मान आह्वान अभियान” तेजी पकड़ता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में गौ रक्षकों और सामाजिक संगठनों ने लघु सचिवालय परिसर में एकत्रित होकर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और सरकार के सामने गौ संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

धार्मिक तरीके से जताया विरोध
गौ रक्षकों ने अपने आंदोलन को धार्मिक स्वरूप देते हुए शांतिपूर्ण तरीके से हनुमान चालीसा का पाठ किया। प्रदर्शन के दौरान पूरे परिसर में भक्ति का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए और गौ माता के संरक्षण के लिए एकजुटता दिखाई।

गौ पालन मंत्रालय बनाने की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान गौ रक्षकों ने सरकार से प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि देश और राज्य स्तर पर गौ संरक्षण को मजबूत करने के लिए एक अलग “गौ पालन मंत्रालय” का गठन किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि:
गौशालाओं की स्थिति सुधारने के लिए ठोस नीति बने
आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान निकले
गौ सेवा से जुड़े लोगों को आर्थिक और प्रशासनिक सहयोग मिले
गौ तस्करी पर सख्त नियंत्रण किया जाए
गौ रक्षकों के अनुसार, अगर अलग मंत्रालय बनाया जाता है तो इस दिशा में काम अधिक प्रभावी और संगठित तरीके से हो सकेगा।
प्रशासन से की अपील
आंदोलन में शामिल लोगों ने प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल धार्मिक भावना से जुड़ा नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।


शांतिपूर्ण रहा पूरा कार्यक्रम
लघु सचिवालय में हुआ यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। किसी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति नहीं बनी। प्रदर्शनकारियों ने अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी मांग रखी।
गौ संरक्षण बना बड़ा मुद्दा
हरियाणा सहित देश के कई हिस्सों में गौ संरक्षण और आवारा पशुओं का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ऐसे में यमुनानगर में चल रहा यह अभियान आने वाले समय में एक बड़ा आंदोलन भी बन सकता है।

निष्कर्ष
यमुनानगर में शुरू हुआ “गो सम्मान आह्वान अभियान” अब केवल एक स्थानीय कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संगठित जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। गौ रक्षकों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाए, ताकि गौ संरक्षण को नई दिशा मिल सके।




