यमुनानगर में मॉल व हॉस्पिटल में फायरिंग करने वाले बदमाशों की हॉस्पिटल से छुट्टी: ASP ने की प्रैस कॉन्फ्रेंस।

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एडीशनल एसपी अमरिंदर सिंह जानकारी देते हुए।

सिटी मॉल व निजी अस्पताल में फायरिंग करने वाले तीनों बदमाशो को अस्पताल से मिली छुट्टी, रिमांड के दौरान होंगे अहम खुलासे। एडीशनल एसपी अमरिंदर सिंह की प्रैस कॉन्फ्रेंस।  

एडिशनल एसपी अमरिंदर सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि यमुनानगर में सिटी मॉल और एक निजी अस्पताल में शनिवार देर रात हुई फायरिंग तथा उसके बाद रविवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए तीनों आरोपियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पुलिस आज तीनों को अदालत में पेश करेगी और पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग करेगी।

हिरासत में तीनों आरोपी


               उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में घायल होने के बाद तीनों आरोपियों का इलाज सिविल अस्पताल यमुनानगर में चल रहा था। डॉक्टरों द्वारा हालत स्थिर बताए जाने के बाद अब उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। पुलिस ने सुरक्षा के बीच तीनों को हिरासत में ले लिया है और आज अदालत में पेश कर उनका रिमांड लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क, गैंग कनेक्शन और साजिश की परतें खोली जा सकें।  उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान आरोपियों ने शुरुआती पूछताछ में गलत जानकारी देकर जांच को भटकाने की कोशिश की। मुख्य आरोपी गुरलाल ने खुद को कुरुक्षेत्र का निवासी बताया था, जबकि जांच में वह पंजाब के सामना का रहने वाला निकला। करनाल जिले के तरावड़ी निवासी नितिन और सागर ने खुद को नाबालिग बताया, लेकिन दस्तावेजी जांच में दोनों बालिग पाए गए। इन खुलासों के बाद पुलिस अब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तैयारी में है।  उन्होंने बताया कि पूरी वारदात विदेश में बैठे भगोड़े बदमाशों के इशारे पर अंजाम दी गई। आरोपियों को रंगदारी से जुड़े मामले में दहशत फैलाने के लिए तैयार किया गया था।

लंगड़ाते हुए तीनों आरोपी।

उन्होंने बताया कि शनिवार रात फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने तुरंत घेराबंदी शुरू कर दी थी। रविवार सुबह गांव सुड़ैल के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों तरफ से करीब 25-30 राउंड गोलियां चलीं। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा आरोपी बाइक से गिरकर घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके पर ही काबू कर लिया था। मुठभेड़ के दौरान सीआईए-2 इंचार्ज राकेश को दो गोलियां और सीआईए-1 इंचार्ज राजकुमार को एक गोली लगी, लेकिन दोनों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उनकी जान बच गई। इस घटना ने मुठभेड़ की गंभीरता को भी उजागर किया।

मौके से एकत्रित सभी तस्वीरें –


             उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे बाइक सवार तीनों हमलावर रेलवे रोड स्थित एक निजी मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में घुसे और 13-14 राउंड फायरिंग की। इसके कुछ देर बाद सिटी मॉल के बाहर भी गोलियां चलाई गईं और गैंगस्टरों के नाम की पर्ची फेंकी गई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने शहर में नाकाबंदी की। अगले दिन रविवार की सुबह करीब पांच बजे तीनों आरोपियों को गांव सुड़ैल के नजदीक घेर लिया। इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई, जिसमें दो आरोपियों के टांग में गोली लगी जबकि एक बाइक से गिरकर घायल हो गया। पुलिस ने मौके पर ही तीनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल व चार चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल डेटा की जांच से गैंग कनेक्शन और साजिश से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है।

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