जिले की साइबर सेल टीम ने मार्च महीने में विशेष अभियान चलाकर लोगों के गुम हुए 54 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई जा रही है, जिन्हें पुलिस अधीक्षक ने उनके असली मालिकों को वापस सौंपा।

जिले में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के साथ-साथ आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से साइबर सेल पुलिस टीम लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में साइबर सेल ने एक सराहनीय कार्य करते हुए मार्च महीने में गुम हुए 54 मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया है।
📍 कहां का मामला है?
यह मामला जिले की साइबर सेल से जुड़ा है, जहां पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के माध्यम से यह सफलता हासिल की।
👮 किसने किया यह काम?
इस पूरे अभियान की अगुवाई पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के निर्देशन में की गई। साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक शुभम, मुख्य सिपाही राहुल, मनीष व अन्य टीम सदस्यों ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
📱 कैसे ढूंढे गए मोबाइल?
साइबर टीम ने मोबाइल के IMEI नंबर और अन्य तकनीकी डाटा का उपयोग किया
विभिन्न नेटवर्क और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए मोबाइल की पहचान की गई
अलग-अलग स्थानों से मोबाइल बरामद कर उन्हें सुरक्षित रखा गया
💰 कितनी है कुल कीमत?
बरामद किए गए 54 मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब ₹12 लाख आंकी गई है।
🎉 कैसे लौटाए गए मोबाइल?
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मोबाइल मालिकों को बुलाकर उनके फोन वापस सौंपे गए। अपने फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई और उन्होंने पुलिस टीम का धन्यवाद किया।
🗣️ एसपी का बयान:
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि:
साइबर सेल की टीम लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है
यह कार्य सराहनीय है क्योंकि इससे न सिर्फ लोगों को राहत मिली बल्कि मोबाइल का गलत इस्तेमाल होने से भी बचाव हुआ
अक्सर अपराधी गुमशुदा या चोरी के मोबाइल का गलत गतिविधियों में उपयोग करते हैं
⚠️ आमजन के लिए जरूरी सलाह:
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:
अपने मोबाइल फोन का विशेष ध्यान रखें
मोबाइल गुम होने पर तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं
किसी अनजान व्यक्ति को मोबाइल न दें
यदि कहीं मोबाइल मिलता है तो उसे नजदीकी थाना या चौकी में जमा कराएं
🤝 ईमानदार नागरिकों को भी मिलेगा सम्मान:
पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति मिला हुआ मोबाइल जमा कराता है, तो उसका नाम रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है, जिससे समाज में उसकी सकारात्मक पहचान बनती है।




