हरियाणा के यमुनानगर जिले के सलेमपुर की फैक्ट्री में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों के क्वाटर्स में गुरुवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां गैस सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हो गया। इस दर्दनाक हादसे में करीब 10 लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनमें 4 मासूम बच्चे और 2 महिलाएं गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार इनमें से एक महिला 2 महीने की गर्भवती बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत का माहौल बन गया।




जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब घर के अंदर बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक गैस लीक हो गई और चिंगारी लगते ही जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि पूरा घर भरभराकर गिर गया और आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और मौके पर धुएं का गुबार फैल गया। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।


घायलों को तुरंत नजदीकी जगाधरी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया। गंभीर रूप से झुलसे होने के कारण घायलों को रेफर कर दिया गया। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है।


प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अवैध रूप से बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरना इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के खतरनाक काम से बचें और गैस सिलेंडर का उपयोग नियमों के अनुसार ही करें।

इस हादसे ने एक बार फिर गैस सिलेंडर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले भी इस तरह के मामलों में लापरवाही के चलते बड़े हादसे हो चुके हैं, जहां सिलेंडर ब्लास्ट से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गैस भरने का काम कौन कर रहा था और इसमें किसकी लापरवाही रही।




