यमुनानगर में धान खरीद को लेकर गरमाया माहौल, किसानों ने फूंके पुतले

0
1

यमुनानगर में धान खरीद को लेकर किसानों का प्रदर्शन, पोर्टल मिसमैच पर जताया रोष
यमुनानगर: धान की सरकारी खरीद के बीच ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रिकॉर्ड मिसमैच की समस्या को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी के नेतृत्व में किसानों ने जिला सचिवालय के सामने स्थित अनाज मंडी में प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व कृषि मंत्री के पुतले फूंके।


किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। किसान नेताओं का कहना है कि पोर्टल पर दर्ज किसानों के रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने के कारण धान की खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कई किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड मिसमैच होने के चलते उनकी धान की खरीद आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसके कारण किसानों को मंडियों में इंतजार करना पड़ रहा है।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संजू गुणदियाना ने कहा कि धान की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही अधिकारियों को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर किसानों के रिकॉर्ड का मिलान पूरा कर लेना चाहिए था। उनका दावा है कि अभी भी बड़ी संख्या में किसानों के रिकॉर्ड पोर्टल पर मिसमैच हैं और करीब 50 प्रतिशत से अधिक रिकॉर्ड के मिलान की समस्या बनी हुई है।


किसान नेताओं ने कहा कि पोर्टल की तकनीकी और रिकॉर्ड संबंधी समस्या के कारण किसानों को अपनी धान की फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की।
प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम
किसान यूनियन ने प्रशासन को पोर्टल मिसमैच की समस्या का समाधान करने के लिए दो दिन का समय दिया है। संजू गुणदियाना ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसान अपनी धान की फसल जिला सचिवालय में लाकर डालेंगे और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पोर्टल पर लंबित और मिसमैच रिकॉर्ड का जल्द से जल्द मिलान करवाया जाए, ताकि किसानों को मंडियों में धान बेचने में परेशानी न हो और सरकारी खरीद व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।