यमुनानगर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है।
RTI के जरिए मिली जानकारी ने सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह खुलासा सुमित पाल सिंह नाम के एक व्यक्ति द्वारा लगाई गई RTI के माध्यम से हुआ है, जिसमें जिले के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भारी कमी उजागर हुई है।

⚠️ RTI में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
सुमित पाल सिंह के मुताबिक, RTI से मिली जानकारी के अनुसार यमुनानगर जिले में कई महत्वपूर्ण पदों पर भारी संख्या में भर्तियां खाली पड़ी हैं:
🏥 रेडियोग्राफर (X-ray, CT Scan स्टाफ)
कुल स्वीकृत पद: 21
खाली पद: 19
👉 यानी मरीजों के X-ray और CT Scan जैसी जरूरी जांच प्रभावित हो सकती है।
स्टाफ डाक्टर (senior+Junior Medical officer)
- Senior doctor कुल पद : 17, खाली पद : 09
- Junior doctor कुल पद : 192, खाली पद : 93
👩⚕️ स्टाफ नर्स (Senior + Junior)
सीनियर नर्स: 24 पद, जिनमें से 12 खाली
जूनियर नर्स: 234 पद, जिनमें से 103 खाली
👉 नर्सिंग स्टाफ की कमी का सीधा असर मरीजों की देखभाल पर पड़ रहा है।

ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट
कुल पद: 24
खाली पद: 18
👉 यह सबसे गंभीर स्थिति है, क्योंकि ऑपरेशन के समय मरीज की जान पूरी टीम पर निर्भर होती है।
🧑⚕️ चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO स्तर)
RTI के अनुसार जानकारी मिली कि यमुनानगर जिले में हेल्थ डिपार्टमेंट के सबसे बड़े ऑफिसर जिसके ऊपर पूरे जिले की हेल्थ सुविधाओं को सुचारू रूप से चलने की जिम्मेदारी होती है चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) तक का पद खाली पड़ा है।
RTI के अनुसार जिले में उच्च स्तर पर भी कमी बताई गई है
👉 जो पूरे हेल्थ सिस्टम को प्रभावित करती है।

🗣️ सुमित पाल सिंह ने क्या कहा?
RTI लगाने वाले सुमित पाल सिंह का कहना है कि यह सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि जनता की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने कहा:
“इतने बड़े जिले में डॉक्टर और स्टाफ की भारी कमी है”
“गरीब आदमी आखिर कहां जाए इलाज के लिए?”
“सरकारी अस्पतालों में अगर स्टाफ ही नहीं होगा, तो मरीजों का क्या होगा?”
⚡ सरकार से सवाल
सुमित पाल सिंह ने सरकार से सवाल उठाए:
क्या बिना डॉक्टर और स्टाफ के अस्पताल चलाए जा सकते हैं?
क्या गरीब मरीजों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है?
उन्होंने अपील की कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीति होनी चाहिए, न कि सिर्फ धर्म और जाति के नाम पर।
📢 जनता से अपील
उन्होंने लोगों से भी अपील की: 👉 इस मुद्दे को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें
👉 ताकि सरकार तक आवाज पहुंचे और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हो सके
🧾 निष्कर्ष
यमुनानगर में सामने आई यह स्थिति सिर्फ एक जिले की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है।
अगर समय रहते इन खाली पदों को नहीं भरा गया, तो इसका सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ेगा।





