यमुनानगर: जिले के राशन डिपो होल्डरों ने लंबे समय से कमीशन का भुगतान नहीं होने के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में डिपो होल्डर एकजुट होकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। डिपो होल्डरों ने कहा कि वे लगातार सरकार की राशन वितरण योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला कमीशन समय पर नहीं मिल रहा है।

जिला राशन डिपो एसोसिएशन के प्रधान सुशील मित्तल ने बताया कि यमुनानगर जिले में करीब 570 राशन डिपो हैं, जो 13 सेंटरों के माध्यम से काम कर रहे हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि पिछले करीब आठ महीने से डिपो होल्डरों को उनके काम का कमीशन नहीं मिला है। लंबे समय से भुगतान अटके होने के कारण डिपो संचालकों के सामने आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है।

डिपो होल्डरों का कहना है कि राशन वितरण की जिम्मेदारी पूरी करने के लिए उन्हें अपने स्तर पर कई तरह के खर्च उठाने पड़ते हैं। ऐसे में अगर कई महीनों तक कमीशन का भुगतान नहीं होता तो उनके लिए परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाता है।
कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं
एसोसिएशन के प्रधान सुशील मित्तल के मुताबिक कमीशन भुगतान को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। डिपो होल्डरों की ओर से अधिकारियों से मुलाकात भी की गई, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

डिपो होल्डरों का आरोप है कि सरकार की ओर से उनके कमीशन की राशि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही। एसोसिएशन ने मांग की है कि मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि भुगतान में देरी किस स्तर पर हो रही है।
राशन वितरण व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान डिपो होल्डरों ने केवल कमीशन का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि राशन वितरण की प्रक्रिया से जुड़ी अन्य परेशानियों को भी अधिकारियों के सामने रखा।
डिपो होल्डरों का कहना है कि गेहूं, बाजरा, तेल और चीनी जैसी अलग-अलग वस्तुओं के लिए अलग-अलग अंगूठे लगाने पड़ते हैं। इससे खासकर बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों को परेशानी होती है। उनकी मांग है कि एक ही अंगूठे से पूरा राशन देने की व्यवस्था की जाए।
इसके अलावा डिपो होल्डरों ने दो महीने का राशन एक साथ दिए जाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि लंबे अंतराल में मिलने वाले राशन में गेहूं के वजन और नमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं और कई बार इसकी भरपाई भी डिपो होल्डरों को करनी पड़ती है।
डिपो होल्डरों ने रखी ये प्रमुख मांगें
डिपो होल्डरों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि उनका आठ महीने से लंबित कमीशन जल्द जारी किया जाए और आगे से हर महीने कमीशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही राशन वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाने और बुजुर्गों को होने वाली परेशानियों को दूर करने की मांग की गई।

डिपो होल्डरों ने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी लगातार निभा रहे हैं और पात्र लोगों तक राशन पहुंचाने का काम कर रहे हैं। ऐसे में सरकार और विभाग को भी उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए।
प्रदर्शन के बाद डिपो होल्डरों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए लंबित कमीशन का भुगतान जल्द कराने और उनकी अन्य मांगों पर कार्रवाई की मांग की। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है।









