यमुनानगर। शराब कारोबार से जुड़े करीब ₹21.30 करोड़ के कथित फर्जीवाड़े के मामले में आबकारी एवं कराधान विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने दो फर्मों से जुड़े छह शराब ठेकों को सील कर दिया है। साथ ही संबंधित पक्षों को रिकवरी के नोटिस भी जारी किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार यह मामला आबकारी एवं कराधान विभाग के सरकारी सॉफ्टवेयर में कथित छेड़छाड़ और GRN नंबरों से जुड़ी अनियमितताओं से संबंधित है। विभागीय जांच में एक्सएस लिकर की एल-13 और एल-1 फर्म से जुड़े मामले में 103 फर्जी GRN नंबरों के आधार पर परमिट मैच किए जाने की बात सामने आई। इससे करीब ₹12.36 करोड़ से अधिक के नुकसान का आरोप है।
वहीं, महेंद्र सिंह एंड संस से जुड़े मामले में 65 GRN नंबरों के आधार पर जारी परमिट के जरिए करीब ₹8.93 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आने की बात कही गई है। दोनों मामलों को मिलाकर रकम ₹21 करोड़ से अधिक बताई जा रही है
मामले की शिकायत राजस्थान के अजमेर निवासी अभिनव कोहली ने यमुनानगर की उपायुक्त प्रीति को दी थी। शिकायत में शराब ठेकों से जुड़े कथित फर्जीवाड़े, फर्जी GRN और अन्य अनियमितताओं की जांच व कार्रवाई की मांग की गई। शिकायत के बाद मामला आबकारी एवं कराधान विभाग के संज्ञान में आया और आगे विभागीय कार्रवाई शुरू हुई।

“शिकायतकर्ता अभिनव कोहली ने आरोप लगाया कि एक्साइज विभाग के सॉफ्टवेयर में कथित हेरफेर कर 100 से ज्यादा फर्जी ई-GRN बनाए गए, जिससे करीब 21.30 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप है। शिकायत के बाद विभाग ने कार्रवाई की और अब छह शराब ठेकों को सील किया गया है।”
छह शराब ठेकों पर कार्रवाई
विभागीय टीम ने कार्रवाई करते हुए जगाधरी बस स्टैंड, अग्रसेन चौक, खजूरी रोड समेत अलग-अलग स्थानों पर स्थित छह शराब ठेकों को सील किया। छह ठेकों में दोनों संबंधित फर्मों के तीन-तीन ठेके शामिल बताए गए हैं।

करीब 5 करोड़ की रिकवरी
अधिकारियों के अनुसार शुरुआती कार्रवाई में करीब ₹5 करोड़ की रिकवरी की जा चुकी है। इसके बाद सामने आई अतिरिक्त अनियमितताओं को लेकर रिकवरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार पहले ₹4.75 करोड़ जमा कराए जाने के बाद कुछ ठेकों को खोला गया था, लेकिन बाद में नए नोटिस के बाद दोबारा सीलिंग की कार्रवाई की गई।
जांच कमेटी करेगी पूरे मामले की जांच
पूरे मामले की जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर कमेटी गठित की गई है। कमेटी GRN से संबंधित रिकॉर्ड, परमिट, विभागीय दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में वास्तविक जिम्मेदारी और अंतिम वित्तीय नुकसान की स्थिति स्पष्ट होगी।
नोट: इस खबर में इस्तेमाल किए गए “कथित फर्जीवाड़ा” और नुकसान से जुड़े आंकड़े उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों एवं विभागीय कार्रवाई के विवरण पर आधारित हैं; अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।









