यमुनानगर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यमुनानगर में कांग्रेस और CPI कार्यकर्ताओं ने रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय के पास पहुंचकर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका।

प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय के नजदीक पेट्रोल पंप के पास एकत्रित हुए थे। यहां उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ता रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे, जहां उन्होंने ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

SIR की प्रक्रिया को लेकर भी जताया विरोध
प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया का भी विरोध किया। इंटक के प्रदेशाध्यक्ष अमित यादव ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होना जरूरी है।

अमित यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की ओर से जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका जवाब आयोग को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और SIR को लेकर लोगों के बीच भी कई तरह की आशंकाएं हैं, जिन्हें दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है और चुनाव आयोग को अपनी कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के जिला प्रधान देवेंद्र सिंह और ग्रामीण प्रधान नरपाल सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

ग्रामीण प्रधान नरपाल सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा की सरकार है और सरकार लोकतंत्र का मायना भूल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी स्वतंत्र संस्थाओं का दुरुपयोग कर सत्ता कायम रखने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और CPI कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने की मांग की।









