हाई टेंशन लाइनों को लेकर यमुनानगर में किसानों का प्रदर्शन, मुआवजा प्रक्रिया पर उठे सवाल

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यमुनानगर में हाई टेंशन बिजली लाइनों से प्रभावित किसानों का आक्रोश तेज हो गया है। मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने किया जोरदार प्रदर्शन

किसान पहले जगाधरी अनाज मंडी में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने बैठक कर अपनी रणनीति बनाई। इसके बाद किसानों ने रोष मार्च निकाला और लघु सचिवालय पहुंचकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं।

किसानों ने लघु सचिवालय जाकर डिप्टी कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले एकजुट किसानों ने मुआवजा प्रक्रिया में अनियमितताओं और पक्षपात के आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि जिन खेतों के ऊपर से हाई टेंशन लाइनें गुजर रही हैं, उनकी जमीन की कीमत पर सीधा असर पड़ा है, लेकिन प्रशासन द्वारा तय किया गया मुआवजा वास्तविक बाजार दर के अनुरूप नहीं है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मुआवजा तय करने के लिए गठित मार्केट रेट कमेटी (MRC) का गठन नियमों के खिलाफ किया गया है। उनका कहना है कि कमेटी में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें प्रभावित किसानों की सहमति प्राप्त नहीं है।

भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतिंदर लोचब मामले की जानकारी देते हुए।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मौजूदा MRC कमेटी को भंग कर नई कमेटी किसानों की सहमति से गठित करने की मांग उठाई। इसके अलावा मुआवजा प्रक्रिया पर रोक लगाने, निष्पक्ष जांच और पारदर्शी सुनवाई की भी मांग की गई।
भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतिंदर लोचब ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह अपारदर्शी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा और आगे और तेज किया जाएगा।