यमुनानगर के व्यासपुर अनाज मंडी में एक किसान झोटा-बुग्गी में गेहूं लेकर पहुंचा, लेकिन मंडी गेट पर कर्मचारियों ने उसे एंट्री देने से मना कर दिया। किसान को करीब डेढ़ घंटे तक गेट के बाहर रोके रखा गया। जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो उसे मजबूर होकर पुलिस बुलानी पड़ी, जिसके बाद ही उसे अंदर एंट्री मिली।

हरियाणा के यमुनानगर जिले के व्यासपुर अनाज मंडी में किसानों को होने वाली परेशानियों का एक और मामला सामने आया है। यहां एक किसान अपनी मेहनत से उगाई गेहूं की फसल को बेचने के लिए झोटा-बुग्गी (बैलगाड़ी) में लेकर मंडी पहुंचा था।

👤 कौन था किसान?
किसान स्थानीय गांव का निवासी बताया जा रहा है, जो पारंपरिक तरीके से अपनी फसल मंडी लेकर आया था।
⚠️ कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?
किसान सुबह मंडी गेट पर पहुंचा
झोटा-बुग्गी में आने के कारण कर्मचारियों ने एंट्री रोक दी
गेटपास बनाने में देरी की गई
कर्मचारी उसकी फोटो खींचते रहे, लेकिन एंट्री नहीं दी
किसान करीब डेढ़ घंटे तक बाहर खड़ा रहा
👮 पुलिस क्यों बुलानी पड़ी?
जब बार-बार कहने के बावजूद किसान की बात नहीं सुनी गई, तो उसने विरोध जताया और पुलिस को मौके पर बुला लिया।
⏱️ फिर क्या हुआ?
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और किसान को आखिरकार मंडी में प्रवेश दिया गया। इसके बाद उसका गेटपास बनाया गया और गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू हुई।
❓ विवाद की वजह क्या रही?
मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे आधुनिक वाहनों को प्राथमिकता
झोटा-बुग्गी से आने पर कर्मचारियों की अनदेखी
गेटपास प्रक्रिया में लापरवाही
नियमों की स्पष्टता की कमी
🗣️ किसानों में नाराजगी:
इस घटना के बाद अन्य किसानों में भी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि मंडी में पहले से ही कई समस्याएं हैं और इस तरह का व्यवहार उनके लिए और मुश्किलें बढ़ाता है।
🏢 प्रशासन का पक्ष:
मंडी प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




