यमुनानगर के रादौर स्थित डेहा बस्ती छोटाबांस में नगरपालिका की कार्रवाई के विरोध में सोमवार को स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। आशियाना बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम नरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर अपने घर बचाने तथा प्रभावित परिवारों को दोबारा बसाने की मांग की।

यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में नगरपालिका ने बस्ती के 130 कब्जाधारियों को सात दिन के भीतर भूमि खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है।
समिति के प्रतिनिधिमंडल ने प्यारेलाल तंवर के नेतृत्व में एसडीएम नरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डेहा बस्ती में क,ई परिवार दशकों से रह रहे हैं। उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र सहित अन्य सरकारी दस्तावेज भी मौजूद हैं। इसके बावजूद नगरपालिका द्वारा मकान तोड़े जाने से कई परिवार बेघर हो गए हैं।
लोगों ने मांग की कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें दोबारा बसाया जाए। कार्रवाई के दौरान जिनका सामान क्षतिग्रस्त हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा, बुजुर्गों की देखभाल और रोजगार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि नगरपालिका ने 2 जुलाई को पुलिस बल की मौजूदगी में डेहा बस्ती पहुंचकर 130 लोगों को सात दिन के भीतर जमीन खाली करने के नोटिस जारी किए थे। कई मकानों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए, जबकि बंद पड़े मकानों पर भी नोटिस लगाए गए थे।
डेहा बस्ती का मामला इससे पहले 16 जून को भी चर्चा में आया था, जब पुलिस एक नशा तस्कर को हिरासत में लेकर जा रही थी। आरोप है कि बस्ती के कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव किया, सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया और आरोपी को छुड़ाकर ले गए। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था और अब तक एक महिला सहित तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
इसके बाद 20 जून को नगरपालिका ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए नगरपालिका की भूमि पर बने 100 से अधिक अस्थायी कब्जों को हटाया था। अब 130 लोगों को नोटिस जारी होने के बाद डेहा बस्ती का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।









