यमुनानगर में पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जिसकी आपराधिक हिस्ट्री सुनकर हर कोई हैरान रह जाए। आरोपी हीरा पहाड़ी पर चोरी के कुल 119 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 84 मामलों में उसे सजा भी हो चुकी है। बावजूद इसके, जेल से बाहर आते ही उसने फिर से वारदातों का सिलसिला शुरू कर दिया।

स्पेशल स्टाफ इंचार्ज रमन चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी ने करीब एक दर्जन चोरी की वारदातों को कबूल किया है, जिनका जल्द खुलासा किया जाएगा।
पुलिस जांच में सामने आया कि 26 दिसंबर की रात आरोपी ने महावीर कॉलोनी में एक सूने पड़े मकान को निशाना बनाया। उसने मकान के ताले तोड़कर अंदर घुसकर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ली। खास बात यह है कि जिस बाइक का इस्तेमाल उसने इस वारदात में किया, वह भी चोरी की थी, जिसे उसने वारदात से दो दिन पहले गुरु अर्जुन नगर से चुराया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करता है और केवल उन घरों को निशाना बनाता है, जहां कोई मौजूद नहीं होता। चोरी के बाद वह जेवरात और नकदी को सस्ते दामों में ज्वेलर्स की दुकानों पर बेच देता है।
इंचार्ज रमन चंदेल ने बताया कि आरोपी नवंबर 2025 में जगाधरी जेल से जमानत पर बाहर आया था। लेकिन जेल से बाहर निकलते ही उसने दोबारा चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। आरोपी की गतिविधियां केवल हरियाणा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तराखंड के हरिद्वार में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2021 में आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए नाम बदलकर “राजेश” रख लिया था और रामपुर, यमुनानगर निवासी बनकर हरिद्वार जेल में बंद रहा। इससे उसकी चालाकी और अपराध करने की मानसिकता साफ झलकती है।
हैरान करने वाली बात यह भी सामने आई है कि आरोपी ने जेल के अंदर भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसने जगाधरी जेल में स्थित पीर की मजार पर रखी गुल्लक से पैसे चोरी कर लिए थे। इस मामले में थाना शहर जगाधरी में पहले ही केस दर्ज है।
फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कई और चोरी की वारदातों का खुलासा होगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किन-किन ज्वेलर्स के संपर्क में था और चोरी का सामान कहां-कहां बेचा गया।




